Monday, September 19, 2011

३१ वरीय नगरिक्क सम्मान विधान सभा अध्यक्ष श्री सी पी सिंघ्क आवास पर भेल

काल्हि १८.९.२०११क सांस्कृतिक परिषद् रांची जे मैथिल कर्ण कायस्थक संस्त्र्हा अछि क द्वारा ३१ वरीय नगरिक्क सम्मान विधान सभा अध्यक्ष श्री सी पी सिंघ्क आवास पर भेल
हमहू आमंत्रित छालान्हू अध्यक्ष सत्येन्द्र मल्लिक द्वारा
आ मुख्य अतिथि छलथि अंतर्राष्ट्रीय मैथिलि परिशाद्क केन्द्रीय उपाद्यक्ष डॉ नित्यानानद लाल दास जिनका एही वर्षक साहित्य अकादमी अनुवाद पुरस्कार भेतालान्ही
नीक कार्यक्रम रहल
३१.८.२०११ क परिचित कल्प्कवि उमेश कर्णक हस्तलिखित पत्रिका कंठहारक प्रति रान्चिमे देला पर सत्येंद्रजी हुनको बजा सम्मानित केलान्ही
एहेन प्रत्येक समाज के जोरी मैथिल समाज बनैत अछि आ एहेन सब भाषिक समाजके जोड़ी अपन हिन्दू समाज व भारतीय समाज - हम कहलियेन्ही आ तहिना ओत सम्मानित डॉ पी अन लाभक विशेषता रीमस क छात्र स जे सुनाने छाल्न्हू से कहलियेन्ही
प्रोफ दासजी आशा प्रगट काय्लान्ही जे मैथिलीप्रेमी सी पी सिंहक द्वारा मैथिली झारखण्डक द्वितीय भाषा समूहमे जोरल जायत
प्रोफ दासजी अंग्रेजीक प्रोफेस्सर मुदा जब्त मैथिलीक शिक्षक नहीं बहल भेल स्वयं बिना पी के मैथिली फारबिसगंज कोल्लेगेमे पर्हेलाठी
फारबिसगंज हमर जम्न्स्थान आ ओताही स हमर स्चूली जीवन
दासजी हमर बाबूजीक बाद संघचालक सेहो बनल छलथिन
जखन एक महिला मालती दास के नाम अयाल्न्ही त श्रीमती दास सेहो अयलीह जे महाकवि लाल दासक प्रपौत्र्री छठी
बादमे हुनका फेर बजा सम्मानित कायल गेलन्हि
समान नाम क बल पर भौजी पय्लीह सम्मान! हमरा सबहक येह सम्बन्ध हुनका स यद्यपि दासजी हमर जेठ भैस किछु ज्जेथ छथि
अपन समाजक एक अंश देखि मुदित भेलान्हू यद्यपि हम जातीय आयोजन स अपनके अलग राखैत ची
हमर गेला पर ओ जातीय रहियो नहीं गेल आ सम्पूर्ण मैथिलक भय गेल आ तहिना वरिष्ठ नागरिक संघक अरुण कुमार पंदेय्जीक उपस्थिति स आ बाबुराम शर्माजीक उपस्थितिस
ई सत्य जे सब समाजके एक थाम नहीं आणला व बजयल जा सकैत अछि आ तेन शायद कहिओय जाती बिभाजन कर्म विभाजन स भेल छल

डॉ धनाकर ठाकुर

३१ वरीय नगरिक्क सम्मान विधान सभा अध्यक्ष श्री सी पी सिंघ्क आवास पर भेल

काल्हि १८.९.२०११क सांस्कृतिक परिषद् रांची जे मैथिल कर्ण कायस्थक संस्त्र्हा अछि क द्वारा ३१ वरीय नगरिक्क सम्मान विधान सभा अध्यक्ष श्री सी पी सिंघ्क आवास पर भेल
हमहू आमंत्रित छालान्हू अध्यक्ष सत्येन्द्र मल्लिक द्वारा
आ मुख्य अतिथि छलथि अंतर्राष्ट्रीय मैथिलि परिशाद्क केन्द्रीय उपाद्यक्ष डॉ नित्यानानद लाल दास जिनका एही वर्षक साहित्य अकादमी अनुवाद पुरस्कार भेतालान्ही
नीक कार्यक्रम रहल
३१.८.२०११ क परिचित कल्प्कवि उमेश कर्णक हस्तलिखित पत्रिका कंठहारक प्रति रान्चिमे देला पर सत्येंद्रजी हुनको बजा सम्मानित केलान्ही
एहेन प्रत्येक समाज के जोरी मैथिल समाज बनैत अछि आ एहेन सब भाषिक समाजके जोड़ी अपन हिन्दू समाज व भारतीय समाज - हम कहलियेन्ही आ तहिना ओत सम्मानित डॉ पी अन लाभक विशेषता रीमस क छात्र स जे सुनाने छाल्न्हू से कहलियेन्ही
प्रोफ दासजी आशा प्रगट काय्लान्ही जे मैथिलीप्रेमी सी पी सिंहक द्वारा मैथिली झारखण्डक द्वितीय भाषा समूहमे जोरल जायत
प्रोफ दासजी अंग्रेजीक प्रोफेस्सर मुदा जब्त मैथिलीक शिक्षक नहीं बहल भेल स्वयं बिना पी के मैथिली फारबिसगंज कोल्लेगेमे पर्हेलाठी
फारबिसगंज हमर जम्न्स्थान आ ओताही स हमर स्चूली जीवन
दासजी हमर बाबूजीक बाद संघचालक सेहो बनल छलथिन
जखन एक महिला मालती दास के नाम अयाल्न्ही त श्रीमती दास सेहो अयलीह जे महाकवि लाल दासक प्रपौत्र्री छठी
बादमे हुनका फेर बजा सम्मानित कायल गेलन्हि
समान नाम क बल पर भौजी पय्लीह सम्मान! हमरा सबहक येह सम्बन्ध हुनका स यद्यपि दासजी हमर जेठ भैस किछु ज्जेथ छथि
अपन समाजक एक अंश देखि मुदित भेलान्हू यद्यपि हम जातीय आयोजन स अपनके अलग राखैत ची
हमर गेला पर ओ जातीय रहियो नहीं गेल आ सम्पूर्ण मैथिलक भय गेल आ तहिना वरिष्ठ नागरिक संघक अरुण कुमार पंदेय्जीक उपस्थिति स आ बाबुराम शर्माजीक उपस्थितिस
ई सत्य जे सब समाजके एक थाम नहीं आणला व बजयल जा सकैत अछि आ तेन शायद कहिओय जाती बिभाजन कर्म विभाजन स भेल छल

डॉ धनाकर ठाकुर

18.9.2011k भूकंप आयल

काल्हि 18.9.2011k भूकंप आयल आ एक बेर फेर प्रमाणित भेल जे अस्सम्मे जखन भूकम्प्क केंद्र त मिथिलामे नहीं आ तहिना उत्तराखंडमें जखन केंद्र त मिथिलामे नही यानी हमर सिद्धांत जे मिथिला एक अलग भूभौति क्षेत्र अछि फेर सत्य भेल
मुदा मिथिलामे सेहो एहेन भूकंप कहियो आबी सकैत अछि \
जेहें जगह तहें माकन बनाऊ
पिघ उंच मल्टीस्टोरी नहीं एकमंजिला आ जखन पक्का बनाबी त नीच स ऊपर तल्ला क्रमशः कम स्पसके आ नीचा स छड आदि पर्याप्त मात्रामे
हम रंचिक एक होटल चिनार्मे नागपूरक अपन डाक्टर मित्र केलकर संगे बात करीत छलहु की देखल पैर कापल हुनक आ हमर आ दूनू नीचा उतर्लान्हू
रातिमे फ़ोन रायपुरस एश अन पाथाक्जीक केना छी आ मिथिलामे कोना?
सभ सुरक्षित
सिक्किम फ़ोन आई लागल वंदना डॉ मनोज शरदक पत्नीस हालचाल लेल
मनोज दरभंगा मेडिकलमें छात्र छलथि

डॉ धनाकर ठाकुर

. मनमोहन सिंह बंग्लादेश्के साढ़े दश हजार एकड़ जमीं दानकेक क आ २३ हर्जर बंग्लादेशिक भार लयक

डॉ. मनमोहन सिंह बंग्लादेश्के साढ़े दश हजार एकड़ जमीं दानकेक आ २३ हर्जर बंग्लादेशिक भार लयक ढाका स दिल्ली लौतालाह मुदा सुषमा स्वर्ज तक वाहवाही देलखिन
आश्चर्य!
ओ जमीं क लेनदेन आजदिक पूर्वक दू रजक जूआ खेलक दांवक चालिक चित्महल कहैत छल तेन
रेड्क्लिफ्फ़ लिनेक दूनू दिश भारतक १११ गाम उम्हर आ बंगलादेशक ५१ गसम इम्हर
ई लेनदेन केवल ओही गाम सभक बदला जमींक बदलें बराबरीक आधार पर कियैक नहीं भेल
जखन ओ भाजपा जे पहिने 'प्राण दीबो बेरुबारी देबो नई ' सेहो सूतल अछि तखन अंक कोन कथा

डॉ धनाकर ठाकुर

सुल्तान्गंज्क संजय झा

सुल्तान्गंज्क संजय झा सबस मंहग नौकर छलथि
नौकरी बंद हेबाक कश्तिपुतिमे ३१५ करोर भेताल्न्ही
मुदा ओ मिथिला लेल ककी कलह से टी कियो कहियो नहीं बतौलक
एहेन में कियो अरबपति भेल हो व खरबपति ताहि स की?
ओहुना मिथिलामे व हिन्दू सनातन धर्मक अनुसार पैबलाके बहुत आदर नहीं छैक
आदर छैक त्यागीके
मुदा किछु मैथिल एही पर अपनाके बडभागी बुझैत छठी
ई एक गलत प्रवृत्ति अछि
डॉ धनाकर ठाकुर

Saturday, August 20, 2011

Anti corruption rally at Shyamali,Ranchi

Anti corruption rally at Shyamali,Ranchi Yesterday night I witnessed a candle march by young students and was immensely pleased- the colony I live is having one of the best institutions of the country DAV JVM Shyamali and DPS which each year give dozens of IIT and CBSE medical students-(apart from famous Dhoni is its product). They were self inspired. I attach some of the files video and photo of them I could get as incidentally a camera was in my pocket(after recording a discourse on the Ramcharitmanas)..

Friday, August 19, 2011

At varanasi's lanka gate and DPS, Ranchi students against corruption

At varanasi's lanka gate and DPS, Ranchi students against corruption
On 17th August 2011 I was at Varanasi’s famous Lanka Gate where some persons were staging fast in support of Anna. I sat for few minutes and got introduced from persons. Dr.Singh former professor of entomology at the BHU was leading the fast.
I signed in the copybook supporting the move against corruption by the national Medicos Organisation and the Antarrashtroy Maithili Parishad, the organizations founded by me in 1977 and 1993.
I had a memory of JP agitation days but I was an outsider and I had to catch a train from Mugalsarai and hence I sat in an auto.
The next day while coming out of my clinic I saw the students of the DPS, Ranchi after their school closure were in as if in a festive mood to support Anna flying the newspaper of the day which was full of ANNAGRAH, a new version of Satyagrah..
I stood for a moment on the road and watched the youth who were turmoil with the same mood we were in 1974-75 and then too the government was equally insensitive to the point.
Whether corruption can be uprooted without a sense of good thoughts- religious or otherwise. Many of the parents of the students of the DPS are from high up group and is difficult to think when thongs will come on the reality .
However the poinbt is right, Bedi may be at wrong foot while her daughter was given a Mizoram seat at the Delhi medical college or accepting invitation of the US president on breakfast as if a matter of prestige but issue is right.
Baba Ramdev may be doing ‘quackery’, i.e. advising persons on medical diseases or his assistant may be involved in fraud but the issue of corruption is to be protested.
And anyone can rise this voice. People are not behind any person/s but against corruption which has been an afflicting affair.
And hence, I support this movement against corruption.