Tuesday, June 26, 2012

हमर १२४म मिथिला जागरण यात्रा संक्षिप्त मुदा सार्थक रहल

हमर १२४म मिथिला जागरण यात्रा संक्षिप्त मुदा सार्थक रहल पटना मिथिलामे नहि छैक मुदा नरेन्द्र कुमार झास पैघ खानदानी मिथिलाभाक्त शायदे किछु लोक होयताह -हुनक पिताजी तारा बाबु पुरनेया स अबी पटनामे नोवेल्टी एंड कंपनी खोल्लैन्ही आ चेतना समिति क मुख्य कार्यकर्ता रहलाह आ मैह्तिल लेल प्रेरणा स्तम्भ. नरेन्द्रबाबुस हमर भेंट अकस्मात् स्टील ऑथोरिटी ऑफ़ इंडिया मे कशिनाथ्झाजी करौने छलाह आ तकर बाद ओ निरंतर हमरास सम्पर्कमे छथि- पटना पुस्तक मेलक प्रणेता जतय मिथिला लेल हर साल मीटिंग गाँधी मैदानमे होइत अछि एखन धरि मिथिलाक समर्थंक एकमात्र स्थान ओतय छि हुनक पुत्रक उपनयन आ भातिजक विवाहक प्रीतिभोजमे सम्मिलित भेलन्हू - गोआस हुनक साढू आयल छलथिंह जे अंतर्राष्ट्रीय मैथिली परिषद्क ओतय संरक्षक छथि. आन किछु मैथिल छलथि मुदा गर्मी मे हम अक्सक छलन्हू आ परिचयक हिम्मत नहि जुटा पय्लान्हू रात्रि विश्रामक समय वाराणसीक कामर्सक प्रोफ. वी .मिश्रास परिचय भेल जे छथि त सरय्रुपरीन मुदा मिथिला समर्थक भोरे तैयार भय बस लेल टेम्पोमे एक छोट लडकीके तेम्पुवालाके एकाध रुपया अधिकक लेल डतैत लौंगिया मिरचाई सन देखल -ओना जतेक दूर उलटा वापस अबय पडल ओतेक नीचास पैदल अयला पर पाच टाका सेहो बाँचती आ किछु वाकिंग भय जाइत - बस तुरंत भेटल आ सीधा मुजफ्फरपुर जैबला गंगा पर होइतान्ही मिथिला मे छलन्हू - बगलमे बैसल एक युवक राजेश गाडीक शीशाक काज करयबला कम पढ़ल मुदा कहानी, कविता मगही, भोजपुरी, हिन्दीमे लिखाय्बला जकरा उत्साहित कायल. भगवानपुर चौक उतरि टेम्पूस कचहरी गेलंहु आ पहिले शहीद खुदीराम बोसेक स्मारक पर श्रद्धा सुमन चढ़ावव् ल - सहारा परिवार एकर जीर्णोद्धार केलक अछि - ओतहि प्रेस क्लबमे भेल 'मीडिया सत्ता आ जन अपेक्षाएं 'पर अपन भाषणक्रममे याद दिया वाल जे २.१०.२००४ क भेल १२म अंतर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मलेनमे एहि शहरक नाम बदली खुदीरामपुर करक प्रस्ताव पारित भेल छल जाही सम्मेलनमेमे डॉ सी पी ठाकुर, देवेशचंद्र ठाकुर पार्षद , बिजेंद्र चौधरी विधायक आदि छलाह . कहलियेन्ही नहि त एकर नाम लीचीपुर वा मच्छडपुर कय दिय यद्यपि ओतय कार्यक्रम विनय तरुणक तेसर पुण्यतिथिक छल जाहिमे ओकर संगी पत्रकार सब क मंच पर बजावल गेल- हमर नाम कर्दमे छल मुदा नहि बजुल्क- खरब लागा जरूर मुदा सयत रह्लान्हू- बिन बजेने मंच पर जेबाक नहि चाही- कुर्सी २ खाली चलिक पता नहि ककरा लेल वा बजेनाई बिसरी गेल- अस्तु क्रमशः कार्यक्रम भेल आ एक बजल्ला पर हम स्लिप देलियैक जे आब हमरा बजबी जेबक अछि- आ हमारा बजावल गेल- डॉ मदन मिश्र, मैथिलिक प्रोफेस्सर आ किछु आन मैथिल हमरा लेल आबी गेल छलाह, रत्न कृष्ण जी , पुंज प्रकाशजी, शारदानंद झा आदि ६ लोक.. सब हिन्दी में बजैत छलाह मुदा हम मैथिली में बजलान्हू करीब ३०-४० मिनुत लोक क नीक लगलैक,, भाषण तैयार छल मुदा हंट कय्क स्वाभाविक रूपे बजलन्हु आ तकर बाद मैथिल बंडू संगे निकली गेलंहु हमरा जेरो मीलक टेम्पू पर चढ़ा ओ सब अफ़सोस करीत गेलाह भोजन लेल- भोजन कार्यक्रममे सेहो छलैक मुदा हमारा ५ बजे मनोकामना चबूतरा पर मीटिंग दरभंगामे छल- तुरंत एक बस भेटल- किछु देर बाद आदति क अनुसार मिथिला राज्यक परचा बाँटल - दू व्यक्ति ग्रीयरसनक बारेमे बजलाह - हुनका लग सामान ले जा बैसी बात होइत रहल- हरिहरपुरक अवध नारायण झा अपन गाम में कंप लगेबा में रूचि देखौलन्ही बेलौन्चाक सुजीत कुमार मिश्र क़तर व्यवस्था उन्मूलांक आ दूनू क हमर तर्क स अधिक कहने जे हम एकर खिलाफ बाजी - 'यू जी हम अपन विवाह एहिना केने छालान्हू,' अनुज क बरियाती में एही लेल नहि गेलंहु' मुदा पत्नी बुझलीह फोकटिया वर आ छोडि देलीह , हम नहि बाजी एही पर- सब समस्याक जड़ी अछि गरीबी- मिथिला बनाऊ श्रीसंपन्न ई सब समस्या रहत नहि ,' ओना अन्हा सब दहेज़ मुक्त मिथिलाक सदस्य बनू जे एकर एक्सपर्ट छथि . करीब तीन बजैत छल - बहिन क ओत जाऊ वा किछु खाउ , नहि संस्कृत विश्वविद्यालयक छात्रावास जाई पहिल पाणिनि में केवल दू छात्र भेटलाह (रान्चिस पिछ्ला बैसार में आयल कुशवाहा क कोनो नुम्बर करो SMS करय कहने छलियैक मुदा नहि केने छल )- जे एक छलाह अखिलेश ओ रूचि लेलाह आ मधुसुदन मिश्र हमरा संगे बगलक याज्ञवल्क्य छात्रावासमे गेलाह - कामन रूम में २-३ टी वी देखैत- हमारा देखि ओहिना -लागल जे मिथिलास शिष्टाचार चली गेलैक जखन संस्कृतक छात्र एहेन तहन दोसर की? मुदा तुरंत किछु गोटे अयलाह आ सुनलाह - सब मिथिला लेल संग देब - एखन छात्र नहि छथि- छुट्टी बाद आऊ उपस्थितकें कार्यकर्त्ता बना प्रतिज्ञा दियावल मिथिला-मैथिली लेल. फेर ओ सब कहलाह ललित नारायण मिश्र विश्वविदयालक गंडक छात्रावास जाई- रौद में रास्ता में जाइत बामा कात एक मिथिला केंद्र बंद देखल मुदा आगाँ विश्वविद्यालय महाराज लक्ष्मीश्वर सिंहक मुतिक फोटो लेल- सामने पोस्ट ऑफिस लग ददू मैथिल ठाढ़ छलाह एकाएक मैसू र क एक मेडिकल छात्रक ध्यान आयल जाकर पिता ठाकुरजी एहि विश्वविदयालयमे छलखिंह- पचाढीक प्राचार्य बजलाह जे ओ विमल नारायण ठाकुर छथि जे सम्प्रति रहुआ संस्कृत महाविद्यालय में छथि - आब हम पता कए लेब. आखिर एक-एक आदमीक पता कियैक जरूरी. एक मनुष्यता आ दोसर संगठन लेल एक एकक महत्व समय ४३० भय गेल छल चबुतराक पहिने २ टा बटर बाईट बिस्कुट १० ताका में लेल आ एक कए खेत गंडक छात्रावास दिशी बध्लान्हू ( दोसर दोसर दिन ट्रेनमे काज आयल) , एक खुजल कमरा में गेलंहु- हमर बात नीक लग्लैन्ही आ तुरंत बाहर हवामे बैसार भेल आ करीब एक दर्ज़न छात्र अयलाह - तेलंगाना जकां आन्दोलन बनत की? एहि लेल हुनका सबके सब कॉलेज में घुमे कहालियेन्ही हर जिलामे खसके कटिहार - पूर्णिया तक . आश्वाशन देलाह मुदा फेर जाय पडत जल्दी देर भय रहल छल - ५ बजे क चबुतराक समय छल आदित्य्क फोने जे राजीव अयलाह अछि रुके कह्लियेन्ही आ गेलंहु किछु युवा छात्र आ क्रमशः एक जुटान ठंढा भेल - भाषण लागल देबाक चाही आ खसके गंगा जलक घेन्त्कात्ती बंगलादेश आ बंगाल द्वारा आ बिहारक धोखा पर केन्द्रित .. एक समिति बनायल - राजीव पिछला बैसार में चलाह हुनका संयोजक बना डॉ बूच्रू पासवान नहि आबी सकलाह , नहिये अमलेंदु छपकी क एक युवा संगे श्यामा मंदिर गेलंहु - चौधरी हेमचन्द्र जी कहलाह एखानाही उदयजी गेलाह अछि- एहि बेर सूचना नहि देने छल्येन्ही-( नुक्कड़ सभाक लायक ओ सब श्रेष्ठ व्यक्ति नहि छथि ओना आन्दोलन ओहि नुक्कड़स कहियो उठातैक ).. दर्शन श्यामा माँ कए कायल. पुजगिरिक भाई डॉ धर्मानंद झा छलाह मुंडन में आयल मुदा मधुबनी दिशि निकलल. अनेक याद ओहि स्थान क आयल.. युवा इन्द्रजीत राय कए कहने छलियेन्ही जे कपिलेश्वर्स्थान में हुनका संगे रूकब मुदा फ़ोन दू बेर नो रिप्लाई - बहिनिक डेरा लगमे गेलंहु.. छोट भाईक सार डॉ विनय चौधरी बीमार छलथि हाल चाल लेल फेर स्नान शयन.. रवि प्रात उठि तैयार भय भुखले सौराठ्क सोमनाथक दर्शन क लालसा स निकललान्हू- बस स्टैंड पर अखबार जागरण खरीदल आ रहिका जयनगर बाली बस तुरंत- जागरणमे समाचार नहि देखि लागल जे अमलेंदुक अपन मजबूरी होइंहि जे समाचार नहि छपल- ३-३ बैसार युवक मिथिला लेल भेल मुदा समाचार नहि छपल? अस्तु.. रास्तामे हवाई अड्डा देखल- पता नहि कहिया नियमित उड़ान हेतैक.. केओटी देखल जतय २५ म अंतरराष्ट्रिय मैथिली सम्मलेन १६-१७ दिसम्बरक छैक आशा karait छि ताबत खस्ताहाल सड़क ठीक भय जाय . फेर कपिलेश्वर बाहर स फोटो लेल - रहिका चौक पर देर तक ठाढ़ बस पोखरौनी रूकल- रिक्शावके २० टका दैके बजाय १.९ किलोमीटर पैरे चली- फूंही प्रारंभ- छाता एक गाछी लग निकलल - कहियो पैदल वा साइकिलस ओहि रास्ता में- आम गाछीमे कलकतिया टुटैत- फ़ोन भोरेस शम्भुनाथजी क कखन अबैत छि तथापि माधवेश्वरक फोटोक लोभ आ ओतहि शम्भुनाथजी – झोडा पञ्जीकर लग राखी सोमनाथ मंदिर क दर्शन लेल - कल्प्कवि आ विदयाकर कवी पहिन्हिस प्रक्षिक्षण शिविर लेल संग भेलाह - बीच गाम में दुगंध पैखानाक मोन टूटी गेल.. पहिने ई ठीक हो.. मदिर क दर्शन फेर ओतहि शम्भुनाथ जे एक डेरा में भोजन - अनेक सचार, मालदह आम सेहो- एक धात्रिक गाछ छोट अंगना में - हिनक ई ससुर आ गंद्वीश्वर घर- सबहक विद्यापति पुस्तकालयमे- शिविर क सत्र प्रारंभ- मिथिलाक भूगोल- मिथिला राज्य कियैक? लोक अबिअत जाइत रहलाह- कार्यक्रम कोना करी- कियैक? कार्यकर्त्ता निर्माण लेल- शंभुनाथ्जी- प्रत्यक्ष उदहारण- एक कए बाद दोसर शिविर लागी गेल- पत्रकार अयलाह- प्रवीन चौधरी अयलाह- गर्मी स हम बेहाल- हमारा लेल(रांची रह्याबला लेल ) असाध्य- अस्तु- समय कम छल- बुलावा भेलैन्ही प्रवीण कए -एक वर आदर्श विवाह करीत छथि- आशीर्वाद लेल चली सके छि की? यदि विधवा विवाह मे भाग नहि लेती हमहूँ अस्गारुआ .. तैयो गेलंहु- आश्चर्य पुरना क बीरेंद्रमोहन ठाकुर, नमी वकील , पंडित ताराकांत झांक सार..जे वर क मामा , वर आ वर क पिता चिन्हलयेन्ही मुदा हर धक्मेकलान्हू- वीरेंद्र बाबुक बेटा आनंद ? कानी देर बाद ध्यान आयल जे काजर, ललका पागमे मिहिर जाई मातृभूमि बाला ब्रह्मोत्ताराक मैथिल कार्यकर्ता जिनका घर ८.१०.२०११ क राती रहि ९.१०.२०११ क पंडौल कालीमंदिर मे हमर मीटिंग करौने छलाह सर्वप्रथम हुनका १०.१.२००० क झझारपुर क उमीद्वारी तकैत हमर पुर्व परिचित किरण झा संगे देखने छलियेन्ही आ दोसर बेर अक्तूबर २०१० मे हुनका निर्दलीय नहि मिथिला पार्टीस लड़य लेल बुझेने छलियेन्ही - पार्टीतंत्र स भयभीत ओ फेर भाजपामे चलि गेल छलाह आ अनेक बेर बात भेल . बात होइत रहित छल मुदा एना एहि परिस्थितिमे सुखद बेलामे भेटताह से हमारा कहाँ बुझल छल- किछु कहक मौक़ा भेल - लागि रहल छल समय अधिक लैत छि - हुनक बधाईमे मिथिलाक आचार विचार मातृभूमि भारत आ जन्मभूमि मिथिलाक फर्क- विवाहक अनिवार्यता मिथिला मे कियैक- मिथिलाक अद्वैत भावाद्वैत आदि बहुत देर बहुत विषय छुवल-मुदा ताबत अध्यक्ष डॉ कमलकांत झा आबि गेलाह आ ओहो दू शब्द बजलाह- फेर सबके जलपान भेलैक - छुट्टी रहितई हुनक बरियाती जैतन्हू - मुदा तुरंत फेर प्रशिक्षण वर्गक आन सत्र- युवाक भूमिका, सामाजिक समरसता, आ मिथिलाक समस्यामे - एहि बीच अमलेंदुजी अपन पिता आ हमर भैयाक संगी शिवाकांतजी क संग किछु देर लेल , स्थानीय सौराठक विकास, महारानीस भेंटक प्रस्ताव, सभाक समय परिवर्तन फागुन वा वैशाखमे , अंतमे जनस्वास्थ्य, फेर प्रार्थना क बाद मधुबनी प्रस्थान रिक्शास प्रवीणजीक संग..नीक बात.. समझौता कियैक करी? ककरा स? कुजबिहारी गायकक कुटिया पर किछु मिनट .. भातिजके मधुबनी आबय ताकि २० मिनट लेल ७ किलोमीटर गाम जा १०० वर्ष क अपन कक्का कए देखि मुदा ओ नहि आबि सकल . युवा रौशन क संग बात करैत दरभंगा तक..मिथिला मैथिली पर.. आ फेर रांचीमे बहिनक देल फ्राइड चुड़ा आ फेर बचल एक बटर बाईट बिस्किट , समस्तीपुरमे जसीडीह लेल एक महिला -एक बर्थ पर ४ गोटे संग आ नीचा ४-६ गोटे संग.. चलू हमर मैथिल लोक कए यैह जीवन छैक.. धनबाद बाद भीड़ कम.. यथासमय नामकोमस उतरि टेम्पू बदलैत अपन डेरा आ काज पर.. डाक्टरक हड़ताल्क समर्थन हस्ताक्षर करा पठाऊनाइ ..किछु लिखिक डेरा २ बजे आ स्नान-पूजा-भोजन ३ बजे.. फेर देखल विजयनगर साम्राज्यक पतनक कहानी - एहिना मिथिला क अंत होम पर छैक.. दुश्मन एक संगे..आ सूतल हमर मैथिल, राज्यक विरोध करैत..मानो हमरे राज्य भेटैबला अछि?

Monday, June 25, 2012

बंगलाक लिपि मैथिलीक लिपिक दुहिता लिपि मानल जाइत अछि

बंगलाक लिपि मैथिलीक लिपिक दुहिता लिपि मानल जाइत अछि - यद्यपि उत्तर बंगलाक मालदा दिनाजपुरर्क किछु पाकिट मिथिलाक अछि मुदा बंगालिक सर्वदा समर्थन चलते हमसब ओकर मांग नहि करैत छि- १९५४-५५ मे माल्दामे अखिल भारतीय मैथिल महासभा भेल छल जाहिमे महाराजा दरभंगा गेल छलाह- जाकर संस्मरण मायानंद मिश्राजी लिखने छथि भारती-मंडन पत्रिकामे. ई धारणा प्रचलित मुदा गलत अछि- मागधी नहि मिथिला प्राकृतस उद्भूत मैथिलीके हम कहैत रह्लंहू आ बादमे देखल महामहोपाध्याय उमेश मिश्र सेहो विदेह प्राकृतस कहने छथि. हमर सोच अछि जे जखन मागधी प्राकृतस मगही मगध साम्राज्यक अछैत बोलीस भाषा नहि भय पायल तखन मैथिलीके कियैक ओहिस उद्भूत मानी- मगहीके बहुत लोक मैथिलीक बोली मानैत छथिन्ह. संस्कृतस कोनो भाषाके बनक सिद्धांतक सेहो हम विरोधी छी वल्कि सब बोलीस संस्कृत प्रांजल रूप निकालि स्थापित कयल गेल जे कश्मीरस कन्याकुमारी तक एकरूपें रहल अछि - ई बात अलग जे बादमे सेहो एक दोसर पर प्रभाव पडैत रहलैक - यथा संस्कृतक मैथिली पर आ मैथिलीक संस्कृत पर कुमार संभवक एक अष्टम सर्गक श्लोक अछि जाहिमे विवाहक बाद पार्वतीक स्तुति जनभाषामे करक कहल गेल अछि आ शिवक स्तुति संस्कृतमे ई इहो बात खंडित करैत अछि जे शिव अनार्यक देवता.. आर्य कतहु बाहरस अयले नहि छथि..

Tuesday, June 19, 2012

आई आषाढी अमावस्या यानी अंतर्राष्ट्रीय मैथिली परिषदक स्थापना दिवस अछि -

आई आषाढी अमावस्या यानी अंतर्राष्ट्रीय मैथिली परिषदक स्थापना दिवस अछि - १९९३ में आजुक दिन ...कतेक व्यस्त हमसब छलन्हू- रांचीमे प्रथम अंतरराष्ट्रिय मैथिली सम्मलेनक आयोजन छल- डॉ. जयकांत मिश्र, बाबु साहेब चौधरी , काठ मांडू स अमरेश नारायण झा, गंगा प्रसाद आदि आबि चुक्ल छ लाह हमरा सन नव मैथिली कार्य कर्त्ता क बुलाबा पर- मुदा भारती क टीम लाग्ल छ ल दिन राति आइ तक की नहि भेल- गाम-गम अ मै प पहुचल २४ एहेन मैथिली सम्मलेन , सैकड़ों बैसार, मैथिली के आ ठ म अनुसूची मे स्थान.. मुदा मिथिला नहि बनल अच्हि, इम्हर वा उम्हर एतहु भारती शिथिल अछि - एहोइ बेर पिक्निक सेहो ह्नहि भेल हम्ह्नु आब ओतेक नहि कय सक्ब ओना आईओ मुज़फ़्फ़र्पुर अनेक स शनि दिन मीतिन्ग लेल बात केलान्हू आ दर भंगा सांझ आ रवि सौराठ लेल परसू मीतिन्ग भेल छ ल मधुपुर मे ८ सिस्तम्बर क प्रां तीय सम्मेलन हयत काज बढल अछि - कोनो कोनो कर्यकर्ता छू टलो छथि छू टलो कियैक सोचक चाही- हम सब ककरो नहि छोडल अछि- मुदा संगठन क हिसब-किताब आ , अनुशाशन रखैत काज कर्य्बाला युवा आगान आबथि मिथिलामे एकरे कमी छ्हैक , बुद्धि एत ५ साल्क बच्चाके सेहो छाई क मुदा बिन कदम ताल के माथ सन्ग नहि चल्तैक आ आन्दोलन नहि होयत’ क्कियो ककरो नेता मानाथि एकतर आवश्य्कता नहि मुदा कार्य कर्त्ता जरूर बनाती आ कार्य कर्त्ता कोनो मज़्दूर नहि छाई क - अ मै प मे सब अधिकारी पैघ कर्यकरता छ थि- सन्ग भेंट करब, अपन विचार रखब, निर्णय के मान्ब. आव्स्श्यक अछि नहि त एहिना स्थपना दिवस होतिओ रहत आ काज कतहू थामल रह्त. नब -नब जगह लोक चाही समय देब्बला लोक चा ही, गप्प देइबला नहि जे घटा भरि समय नहि दय सकथि.. समय मुल्य्वान छाई क .. मुदा चाही मिथिलाक सीमा छोट भेल जारहल चि अमै प सीमा बन्धक काज केलक जे कहियो नहि भेल ५० साल स मैथिलीमे ओझरयल आन्दोलन के मिथिला आन्दोलन मे बद्लबाक प्रयस केलक पहिले मिथिला तखन अओर र किछु- एकर उलटा भेलक कारण मैथिली के प्रतिष्ठामे एतेक झ्हन्झत भेल गाम गाम लोक चाही - मिथिलक सब जिला मे चा ही- जहि जिलामे अधिक छथि, ओतयस जा हि जिलमे कम ओत लोक के जेबा क चाही समय दयक एहेन लोक संपर्क करथि

Monday, June 11, 2012

मिथिला जागरण यात्रा १२३म

हमर एक संक्षिप्त मिथिला जागरण यात्रा १२३म भय गेल- संगमे एक परिवार क कार्य सेहो जुटी गेलक छल चूँकि हमारा जयबाक छल- मौर्य एक्सप्रेस पकडब हमेशा कठिन रहित अछि अप्राहंक ड्यूटी किछु करैत जाई में हडबडी से भेल मुदा ट्रेन भेटी गेल, वेट लिस्ट स आरअसी भेल टिकट सेहो कॉन्फीर्म भेल- एक राती पूर्व ३ बाजी गेल जखन विवेकंद्जी क किताब के एडिटिंग मध्यरात्रि तक कयलाक बाद डेरा गेला पर देखने छलन्हू सूतित काल जे मैथिली सन्देश क जे packet मिथिला क करीब ७०० उच्च विद्यालय लेल ब्वनावाल अछि ओही में केवल पिन स पञ्च केलक कारन अनेक के गंतव्य तक पंहुचे के पहिले फाटक डर अछि आ तैं सब में एक पातर प्लास्टिक स गोंद लागायल नीद खुजल मिथिला में बरुनी में फेर समस्तीपुर उतरि टिकट रोसड़ा क लेल आ मैथिल सन्देश के आर ऍम अस में खासा हल्लुक भेलाक बाद स्नान पूजा करीत सामने ठाड़ ८२० क ट्रेन क इंजन लागल हडबडा क पूजा ख़त्म के ट्रेन में भरल ट्रेन बैस्क जगह जाट छल से डाली पसंगेर नहीं देब चाक मुद्रामे सामान ऊपर राखी भोर में पसीना छुबैत घाम आ फोन कतहु शंकर बाबु बजलाह जे आबि नहीं सकब मुदा कही देल गेल अछि उमेश चौधरी जी प्रभात तारा विद्यालय चली जायब. दू दिन पूर्व प्रोफ रामश्रय यादव जी दुःख स कहने छलाह जे हुनक पिताजी स्वर्गीय भेलखिन बैसार कॉलेज में नहि होयत रोसरा स्टेशन उतर्लान्हू मह्तोजी क निर्देशित बाल्मिकी महतो बखरी स लक्ष्मी मंडल संगे आयल छलाह मुदा ओ हमरा स भेंट कार्य आयल छलाह स्थानीय नहीं छलाह रिक्शा १५ के ३० मंगलक पैदले ३ आदमी चलते चल्लान्हू आ रोसरा अनचल, महावीर चौक देखैत प्रभात तारा स्कूल प्रभु ठाकुर मोहल्ला में प्रभात तारा स्कूलसब स्वागत केलान्ही मुदा जगद्गुरु शंकराचार्य क कार्यक्रम ओही जगह आ सब विद्वान् मैथिल बाझल -ओहिओ समय खबरी हेतल जे अनुज मुंबई जश्लोक में भारती छथि हम कहलियेन्ही कोनो बात नहीं - विदय्लय में बच्चा सबके जमा करू ताबत सत्यनारायण महतो जी आबी गेलाह बछा सब के स्वास्थ्य पर बतावल, किछु प्रश्न पूछक आदत परि आ फेर मिथिला मैथिली क विषय में मूल चर्चा अ यात्रिजे एक मिथिला गान फेर शिक्षक सब के मिथिला राज्य लेल बता अनुमंडल समिति क गठन फेर भोजन भेल आ डॉ उपेन्द्र यादव पंहुची गेलाह सिंगिया स ( अब नरहन स्टेशन १८.७.१९९९ क रूकल छालान्हू से स्टेशन सिगिया घाट भय गेलिक से अबैत काल बुझल दलसिंग सराय जाइक हिम्मत नहीं भेल रौद में विश्राम केलन्हू आ फेर ४ बजे निकलि बस स्टैंड -रास्ता में सिगियामें उपेन्द्रजी उतरि गेलाह फेर पडल गंडक नदी आ बम्बैया नामक गाम - ओही पर सोचैत दलसिंह सराय महावीर चौक पर हीरालाल महतो छलाह- ३१ नम्बर गुमटी लग गेलंहु मुदा जे कहने छलाह जे भोर अन्हु में कहने छलाह कार्यालय भय जेतैक से समस्तीपुर गेल - ने मीटिंग क कोनो व्यवस्था बहुत दुःख भेल - ताबत प्रोफ प्रेम जी अयलाह कह्लियेन्ही जे अन्हां काज स्वीकार करू आ से ओ केलाह महावीर चौक पर नगर अध्यक्ष जज साहेब सेहो सुन्दरकाण्ड में हर्पिस भेलाक बाबजूद लोकक प्राथमिकता में मिथिला - मैथिलि नहीं छैक से सब ठाम तहान हमरा सन मूर्ख अपन काज छोड़ी रौद -जाड में लागल घुमैत रहित अछि- ज्ञानोदय विद्यालय में स्वागत पिछला वर्ष ओतय गेल छालान्हू- बच्चा सबके जमा के एक क नाम मिथिलेश ओही पर एक कहानी खेल क मिश्रण में जे हम मिथिला- मिथिलेश - जानकी आदि पर बता दी ओ फेर पूछला पर गलती बटुला पर 'आउट' से नब आविष्कार केअल्न्हू ओही राती बच्चा सब के के नीक सेहो लगलैक. भोजन बाद चांदनीक स्निग्ध, शीतल वातावरण में सूतल्न्हू- एही बेर मछर दानी संग में छल मुदा जरूरत नहीं भेल भोर उठी स्नान पूजा ८ बजे स राखल मीटिंग लेल प्रेमजी आ फेर महतों द्वय- रिलीज तैयार - जलखई भोरे फल- बिस्कुट भेल छलैक मुदा फेर परोठा तरकारीक बुझु भोजन फोन समस्तीपुर स शंकरजी क बतावल डॉ परमानद लाभक आ ट्रेन धुर्याँ स्टेशन पर टिकट कटाबितान्ही समस्तीपुर उतारी मारवाड़ी ठाकुरवाडी जे आयोजक छलाह हुनक पता नहीं- पहिने फोने पर जब्बाब मुदा बाद में ओहो बंद- अस्तु जय जगदीश हरे प्रार्थनाक मैथिली अनुवाद कयलान्हू आ तखन बैसल न्हु किछु देर बाद गौरीशंकर जी आ फेर परमानद बाबु - मीटिंग भेल मुदा आयोजक क कोनो रोल नहीं(साँझ जकां )- काज आगाँ होयत से विस्तृत चर्चा अनेक साल स ओतय जाइत छी कहियो मीटिंग सेहो भेल ३०.४.२००७ क आ २५.७.२००७ क (मुदा २३.५.२०१० क एहिना बिना बैसारक लौटल छलान्हू-अद्यक्ष के सूचना बाबजूद) कहियो१९९४ क नचारिलाजी क अध्यक्षतामे नीक बैओसर भेल छल आ इम्हर २७.११.२०११ क सांप्रदायिक हिंसा विरोधी विधेयक पर बहुचर्चित भाषण मुदा जय कान्त झा के नहीं कहने गलती भेल से गौरीकंत्जी आ परमानन्द बाबू कहलाह आ अगां क योजना बनल- ट्रेन में गर्मी में प्रतीक्षा २२० हेबाक गाडी खुजल - मुक्तापुर क रुक्तापुर में बहुत पियौज, लहसून लोड केलक आ ३९ किलोमीटर क यात्रा करीब २.५ घंटा में ककडी खाईत - दरभंगा स्टेशन स टेम्पू स विदा राजक चाहरदीवारी टूटल देखि रुकी, फानी नरगौना सामने मनोकामना मंदिर समय पर एक फसबूकिया सक्रीय आयल छलाह आ किछु लोक क्रमशः फसबूकिया गेलाह टुसन पर मुदा जेना बात भेल लौटलाह नहीं (नहिये दोसर दिन राजनाथ बाबू लग गेलाह प्रेस रिलीज़ लेल )- अनेक दर्ज़न युवा भाषण सूनलाह डॉ बूच्रू पासवान क क सेहो आ राजनाथजी क जे इच्छुक भेलाह जे आगाँ काज करब हुनक नाम मोबाइल नोट भेल- पुरान कोनो कार्यकता अ पदाधिकारी ( तीन गोटे के सूचना छल) नहीं अयलाह- हुनका सब लेल धन सन्न हम अबय छि व जाई छी लेकिन काज होयत एकर आशा बंधल सांझ में एक नोट किनको उक्ति पर लिखल जे फेस बुक स आन्दोलन नहीं होइत छैक- समय जनता में देबाक किछु चाही- एक प्रतिवाद आयल जे किछुओ किरीट छथि- लिखलियेन्ही एही स आन्दोलन के मखुअल होइत अछि कथनी आ करनी में अंतर बहुत नीक नहीं- ई नहीं जे महीना व हप्तामे कियो घंटा दू घंटा समय नहींलगा सकैत अछि संपर्क लेल कार्यकर्ताक मतलब मजदूर नहीं होइत छैक नहिये नेता बनेबाक काज हमसब karati छि नेता बनब ककरा अधलाह लागैत अछि- दर्जनों के भाव स मैथिल नेता मंच पर लंबा भाषण डेम बला छथि मुदा कार्यकर्ता के बनत से आवश्यक ई मैनेजमेंट क लीडर आ मेनेजर क शब्दावली नहीं छैक... मिथिला बनतैक से लागल मनोकामना मंदिर में - ई मनोकामना पूरा होयत मुदा ककरा बल पर? समाचार समस्तीपुर में दल्सिघ सराय क्छापल मुदा काज हो अधिक से आवश्यक- शंकरजी अइयो फ़ोन केलाह ओहन कार्य क र्ता चाही - चिंता करयबला मिथिला मैथिलिक नाच गान में लागल गजल कविता कहानी लिखनिहार राजसिक वृत्ति वाला केराज्य भेटला पर राजरोग लग्तैन्ही ओहि स मिथिला निर्माण क कल्पना नहीं रहत ओहें मिथिला जाकर चर्चा एक Gopalganjk छात्र केलक जे मिथिला भारतक संस्कृति आत्मा अछि ककरौल क एक बजलाह जे गाम स्तर पर काज हो नाहीये नेता बनेबाक काज हमसब कराती छि नेता बनब ककरा अधलाह लागैत अछि- दर्जनों के भाव स मैथिल नेता मंच पर लंबा भाषण दी बला छथि मुदा कर्य्ल्कार्त्ता के बनत से आवश्यक ई मैनेजमेंट क लीडर आ मेनेजर क शब्दावली नहीं छैक... मिथिला बनतैक से लागल मनोकामना मंदिर में - ई मनोकामना पूरा होयत मुदा ककरा बल पर? समाचार समस्तिपुर्मे दल्सिंग्सरै क्छापल मुदा काज हो अधिक से आवश्यक- शंकरजी अइयो फ़ोन केलाह ओहन कर्कर्ता चाही - चिंता करयबला मिथिला मैथिलिक नाच गान में लागल गजल कविता कहानी लिखनिहार राजसिक वृत्ति वाला के रह भेटला पर राजरोग लग्तैन्ही ओही स मिथिला निर्माण क कलपना नहीं रहत ओहें मिथिला जाकर चर्चा एक गोपल्गंज्क छत्र केलक जे मिथिला तो भारतक संस्कृति आत्मा अछि कक्रौल्क एक बजलाह जे गाम स्टार पर काज हो हसन चक क एक २३ जून क अपन महल्ला में मीटिंग राखत ओकरा prashn छालकिक मुस्क्लिम कोना जुत्तातह एही स(एक मुस्लिम खून नीक जकां सुन्लाह) राजनाथ बाबू कहलखिन मैथी ली में आई हनुमान चालीसा छापित छि टी कलही bible कोरन सेहो छपत.. एक छात्र जाने चहलक के कवक भसा लेल मिथिला बनय ओ विरोधी - समझि गेलाह कारण तुरंत बूचरू जी मिथिलाक उद्योग के जर्जर हेबाक बात kelaah हम आई आई टी आदि क बात उठावल आ अनेक बात बिना मइके के बजे में गला बझी गेल अछि- डॉ रबिन्द्र झा , दिल्ली के नीक लग्लैन्ही एहेन मीटिंग आ ई ओतहि नहीं हर विश्ववद्यालय क्षेत्रं में प्रत्यक्ष हेबाक चाही से आवश्यक अछि